Contact Us
- Home
- DONATION
- Wordpress
- Most Important News
- Nai Peedhi Nai Soch Channel
- Online Donation
- Contact Us
- Tumblr
- संस्था का लेखा-जोखा
- Pinterest.com
- संस्था द्वारा जारी कोरोना योद्धा सम्मान पत्र
- My.workplace
- आनलाइन सदस्यता लेने के लिए क्लिक करें
- अन्न श्री योजना के लिए भरे गए फाॅर्म
- Membership Form
- संस्था की प्रथम वार्षिक रिपोर्ट 2010-2011
- About Us (हमारे बारे में)
Thursday, 2 October 2014
Tuesday, 30 September 2014
Sunday, 28 September 2014
नई पीढ़ी-नई सोच संस्था का पुनर्गठन 2 को
नई दिल्ली। नई पीढ़ी-नई सोच संस्था की एक बैठक संस्था के केंद्रीय कार्यालय में आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता संस्था के संस्थापक व अध्यक्ष श्री साबिर हुसैन ने की। इस बैठक में संस्था के सदस्य व पदाधिकारी शामिल हुए।
इस बैठक में मुख्य कार्यकारिणी के पुनर्गठन पर चर्चा हुई जिसमें पदाधिकारी व सदस्यों ने अपने विचार रखे। संस्था के उपाध्यक्ष मो. रियाज ने कहा कि संस्था की मुख्य कार्यकारिणी का पुनर्गठन जल्द से जल्द करना चाहिए ताकि संस्था को अच्छा लोग कार्य करने के लिए मिलें और संस्था को आगे ले जाएं।
संस्था के सचिव अंजार ने कहा कि पहले जिन लोगों को पत्र देकर सूचित किया गया था कि वह बैठक में न आने का कारण बताएं उसमें से अभी भी कई लोगों ने पत्र की वापसी नहीं की है जिससे समस्या जस की तस बनी हुई है और पुनर्गठन के कार्य में समय लग रहा है। बैठक के अंत में संस्था के संस्थापक व अध्यक्ष साबिर हुसैन ने कहा कि संस्था का पुनर्गठन महात्मा गांधी जी की जयंती के अवसर पर होगा।
Thursday, 25 September 2014
Wednesday, 24 September 2014
सीटैट के परीक्षार्थियों को उर्दू विषय में 5-10 अंक की छूट देने की मांग की
नई दिल्ली। नई पीढ़ी-नई सोच संस्था के संस्थापक व अध्यक्ष श्री साबिर हुसैन ने सीटैट के परीक्षार्थियों को उर्दू विषय में 5-10 अंक की छूट देने की मांग की है। उन्होंने सीटैट के निदेशक को पत्र लिखकर बताया कि 21 सितंबर, 2014 को प्रथम पाली में जो सीटैट का पेपर हुआ उसमें उर्दू का जो भाग था उसकी छपाई सही नहीं थी। यह कंप्यूटर द्वारा कंपोज नहीं थी बल्कि हाथ से लिखकर उसे स्कैन किया गया था।
जिससे परीक्षार्थियों को पढ़ने व समझने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। जिस कारण कई परीक्षार्थियों के पेपर तक छूट गए या गलत हो गए। कई जगहों पर उर्दू विषय का पेपर भी देर से आया। इस कारण इससे उर्दू विषय के छात्रों के अंक भी कम आएंगे व वह फेल भी हो सकते हैं।
उन्होंने कहा कि इस पर ध्यान दिया जाए और इसकी भरपाई करने के लिए परीक्षार्थियों को 5-10 अंक की छूट दी जाए जिससे वह सीटैट की परीक्षा उत्तीर्ण कर सकें क्योंकि यह मामूली गलती नहीं बल्कि जानबूझकर की गई गलती लगती है।
Subscribe to:
Posts (Atom)


